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Pollen Allergy: Types, Causes, Symptoms, Diagnosis and Treatment

Pollen Allergy: Types, Causes, Symptoms, Diagnosis and Treatment

फूल खिल रहे हैं, लॉन पर नई पौधों की कलियाँ  लहलहाने लगीं  हैं, हरियाली धरती  पर फूट रही है  और  प्रकृति के इस  सुन्दर दृश्य को देख  आपकी आँखे  भर आयीं। लेकिन यह क्या,  जहाँ मौसम का मज़ा  लेना था  आपकी आँखों  में  पानी  आ  गया  और  छींकों  की  झड़ी  लग  गयी? क्या आप जानते  है कि  इसकी  वजह  pollen या  पराग  की  allergy हो  सकती है? इस लेख में जानें  pollen क्या है, इसके प्रमुख कारण, इसके प्रकार, क्या  हैं common symptoms of pollen allergies और साथ ही साथ पाएं  इसके treatment के  विकल्प और घरेलू उपचार जो राहत ला सकते हैं।

Pollen Allergy क्या है? (What is Pollen Allergy?)

Pollen पीले  रंग  का एक बहुत ही महीन पाउडर है जिसे पेड़, फूल, घास, खरपतवार (weed) आदि  produce करते  हैं और birds, insects और  हवा अपने  साथ  carry करती  है । Pollen का  मुख्य (main) काम  एक ही प्रजाति (species) के अन्य पौधे fertilize करना होता  है। लेकिन कई  बार इस  process के  समय  pollen अपने  लक्ष्य  (target) तक  पहुंचने  के  बजाय  लोगों  की  सास  mein mil kar  गले  और  नाक  में  प्रवेश  करता  है। Nature में  आम तौर  पर  पाया  जाने  वाला  यह  Pollen कई  लोगों के लिए  pollen allergy या  hay fever  नाम की बीमारी को  दावत  देता  है। Pollen allergy ऐसी  seasonal allergies में  से  है  जिसका   effect जहाँ  कुछ लोगों  में  पूरे  साल रहता है, वहीं अन्य लोग इसे कुछ ही महीनों के लिए experience करते हैं।  वे सभी चीज़ें जो एलर्जी का कारण बन सकती हैं, उन सभी के मुकाबले pollen allergy को सबसे  common seasonal allergy माना जाता  है। यह  allergy जिसे  allergic rhinitis या  hay fever भी  कहते  हैं,  किसी  भी  खाने  या धूल  मिट्टी की  allergy से  ज़्यादा  परेशानी  देने  वाली  हो  सकती  है। इसका   सीधा  कारण  यह  है  कि   हम  आसानी   से  खाना, insects या दवाओं  को avoid करने से  होने  वाले  symptoms से  बच  सकते  हैंl  इसी  प्रकार  धूल , चाक  आदि  का  भी  परहेज़  किया  जा  सकता  है,  लेकिन  pollen के  case में  यह  मुश्किल  है  जब  pollen count high होता  है  उस  समय  इससे  avoid करने  का  कोई  आसान तरीका  नहीं  होता।

Pollen allergy का  क्या  कारण है? (Causes of Pollen Allergy)

आप  जानते  ही  होंगे  कि आम  तौर  पर  हमारा  immune system हानिकारक invaders जैसे Virus और Bacteria के खिलाफ हमारा  बचाव करता  है  और  हमसे बीमारियां दूर  रखता  है। यही  कारण  है  कि  कुछ  लोगों  का  immune system, pollen को  एक  खतरनाक घुसपैठिया समझ, इससे  लड़ने  के  लिए  chemicals produce करने  लगता  है। हमारे  शरीर  के  इसी  natural defence system के  कारण pollen allergy होती  है। 


Pollen Allergy के  प्रकार  क्या  हैं? (Types of Pollen Allergies)

Pollen grains being carried by winds enter the breath to cause allergic symptoms

Pollen Allergy के  प्रकार  क्या  हैं? (Types of Pollen Allergies)

  • Pollen के  कई  types मौजूद हैं।  क्योंकि plants के  कई  species  हवा   में  pollen release करते  हैं, यही  वजह  है कि  एक  इंसान  के  allergic reaction दूसरे  इंसान  से  अलग  हो सकते  हैं।   जहाँ  एक व्यक्ति की एलर्जी  फूलों  के  खिलने  पर  aggravate हो  सकती  है  वहीं  दूसरे  लोगों  के  symptoms  घास  से  trigger हो  जाते  हैं। आइये  जानें  pollen allergy जिसे  hay fever भी कहते हैं इसके अलग-अलग  Types क्या हैं।
  • Birch Pollen Allergy
    Birch pollen सबसे  common airborne allergens में से  हैं  जो  spring या  बसंत  में  पाया  जाता  है। Blooming season में  birch pollen छोटे  grains के  रूप  में  हवा  में  फैल  जाता  है। Interesting बात  यह  है  कि  एक  single birch tree लगभग  5 million pollen grains तक  produce कर  सकता  है,  जो  अपने  parent tree से  100 yards तक  का  सफर  तय  कर  सकते  हैं।
  • Oak Pollen Allergy
    Birch trees की  ही  तरह  oak trees भी  बसंत  में  pollen को  हवा  में  छोड़ते  हैं। कहा  जाता  है  कि oak pollen की  allergy बाकी  trees के  मुकाबले  mild होती  है   पर  हवा  में   यह  ज़्यादा  समय  के  लिए  रहता  है  और  कुछ  लोगों  में  severe allergic reactions लाता है।
  • Grass Pollen Allergy
    गर्मी  के  महीने  में  घास से  pollen allergy trigger होती  है। घास  से  होने  वाली  यह  allergy काफी  severe और  मुश्किल  से  treat होती  है। इसके  लिए  allergy shots ya allergy tablets लेना  बहुत  effective मन  जाता  है।
  • Ragweed Pollen Allergy
    Ragweed plant, weed pollen से  होने  वाली  एलर्जी  का  मुख्य कारण  है। यह  pollen सबसे  active होते  हैं  और  बसंत   के  बाद  के  महीनों में  या  पतझड़ (autumn) के  महीनों में  हवा  में  पाए  जाते  हैं। Location के  मुताबिक  कभी-कभी  ragweed pollen allergy, जुलाई  से  अक्टूबर  तक भी  चल  सकती  है।  यह pollen wind-driven होता  है  जो  कई  मील  का  सफर  तय  कर  सकता  है।  इतना ही नहीं, इस pollen की खास बात यह है की ये हलके  ठंडे  मौसम  में  भी  survive कर सकता है।

Pollen allergy के symptoms (Common Symptoms of Pollen Allergy)


नीचे  दिए  हुए  symptoms pollen allergy में  commonly पाए  जाते  हैं :

  • नाक  बंद  होना (Nasal Congestion):
    नाक  का  बंद  होना  जिसे  हम  nasal congestion या  stuffy nose भी  कहते  हैं,  तब  होती  है  जब  नाक  और  इसके  आस  पास  के  tissues और  blood vessels extra fluid के  साथ  swell हो  जाते  हैं। यह  होने  पर  हमें  एक  घुटन  या  stuffy feeling होती  है  जिससे  सांस  लेने  में  रुकावट महसूस  होती  है।
  • Sinus Pressure जिससे  चेहरे  में  दर्द  हो (Sinus pressure, which may cause facial pain):
    Pollen allergy के  कारण  inflammation और  swelling होती  है,  जिससे  हमारी   नाक  के  आस-पास  के  sinuses में एक  dull सा  pressure पड़ने  लगता  है। कई बार  देर  तक  pressure पड़ने के कारण  सर में, आँखों में,  नाक  के  दोनों   तरफ  और  ऊपर  या  नीचे  के जबड़ों  और दाँतों  में  दर्द होने लगता है।
  • नाक  बहना (Runny Nose):
    नाक  बहने  के कई  कारण  हो  सकते  हैं। सर्दी  या  जुकाम  की  वजह  से  नाक  बहना  आम  बात  है। Pollen allergy में  pollen के  नाक  में  जाने की  वजह  से  नाक  बहने  लगती  है।
  • आँखों  के  नीचे  swelling या  skin का  bluish होना (Swollen, bluish-coloured skin beneath the eyes):
    इन्हें  allergic shiners भी  कहते  हैं। Sinuses में  congestion होने  के  कारण  कई  बार  आँखों   के  नीचे  रहने  वाली  छोटी  छोटी  veins में  भी  congestion होने  लगता  है। इस  congestion के  कारण  आँखों  के  नीचे  काले  घेरे  होने  लगते  हैं।
  • सूंघने  की power decrease होना (Decreased sense of taste or smell):
    नाक  में  congestion के  कारण  कई  बार  हमारी  सूंघने  की  ताकत  कुछ  काम  होने  लगती  है। सभी symptoms में  से  taste या  smell का  जाना  hay fever का सबसे  common symptom है।
  • गले  में  खराश (Scratchy throat):
    यूँ तो गले  में  खराश  धूल  मिटटी  की  एलर्जी , फ्लू , खांसी  या  गाला  ख़राब  होने से हो सकती है। कई  बार  pollen की  allergy होने  पर  भी  गले  में  खराश  महसूस  होती  है।
  • आँखों  में  पानी  आना  या  खुजली  होना  (itchy, watery eyes):
    Pollen हवा  के  साथ  मिलकर  हमारी नाक , गले , कान  और आँखों  में  घुस जाता  है। जिन  लोगों  में  pollen sensitivity होती  है, उनकी  आँखों  में लगातार  पानी आने  की  शिकायत  रहती  है। पानी  के  साथ -साथ, आँखों में  irritation और  खुजली  होना भी  बेहद common है। 


A girl experiencing watery eyes as a symptom of pollen allergy


  • खांसी (Cough):
    जिस  तरह  बाकी  seasonal allergies अपने  साथ  छीकें , गले  की  खराश  और  खांसी लाती  हैं, उसी  तरह  pollen allergy में  भी  खांसी  होना  एक  आम  symptom है। बसंत  और  पतछड़  के  मौसम  में अगर आपको  बागों  में  घूमते  वक़्त अचानक  खांसी आने  लगे  या  छीकें आएं  तो  समझलें  कि ये  hay fever या  pollen allergy की  वजह  से है। 
  • Asthma  के  symptoms बढ़ना  (Aggravated Asthma):
    Allergic asthma या  एलर्जी  से  होने  वाला  दमा  एक  seasonal allergic condition है, जिससे कुछ  महीनो  में  सांस  लेने  में  तकलीफ  होती  है। Allergic asthma या  pollen आम  तौर  पर  spring  या  autumn सीजन  में  trigger होता  है।

कैसे  होती  है  pollen allergy की  डायग्नोसिस (Diagnosis of Pollen Allergy)

यूँ  तो  डॉक्टर  pollen एलर्जी की जांच  कर  diagnosis कर  सकते  हैं, लेकिन  कभी-कभी  एलर्जी  के  कन्फर्मेशन  के  लिए  allergist को (जो कि  allergies के  treatment और diagnosis का  specialist होता  है) refer किया  जा  सकता  है।  यदि आपको  pollen एलर्जी  है  तो  आप  तुरंत  ही  किसी  प्रोफेशनल  मेडिकल  practitioner  या  allergist के  पास  जाएं।  Allergist या  आपका  डॉक्टर  आपको  आपकी  मेडिकल  हिस्ट्री , आपके  symptoms, allergy कब  शुरू  होती है  और  कब  तक रहती  है, आदि  जानकारी  लेकर  आपका  diagnosis करेगा।  ध्यान  रहे  कि  अपने  symptoms की जानकारी  देते  वक़्त  अपने  triggers, frequency और  symptoms ठीक  होने या बिगड़ने  का  समय  ज़रूर नोट करके जाएं और डॉक्टर को बताएं।

Diagnosis का  एक  तरीका  है  skin-prick test, जिससे  पता  चलता  है  कि किस  एलर्जेन  की  वजह  से  आपको  symptoms होते  हैं।  इस  procedure के  वक़्त, allergist शरीर  के  अलग-अलग  भागों  से  skin prick कर  एक  छोटी  मात्रा  में  allergens डालता  है  जिससे  पता  लगाया  जा  सकता है कि आपको किस प्रकार की एलर्जी है।  यदि  आप  उन  allergens में  से  किसी  भी  substance के  प्रति  allergic हैं  तो 15-20 मिनटों  में  आपको  redness, swelling और  खुजली  होने  लगेगी।

Pollen Allergy के उपचार (Treatment of Pollen Allergy)

एक  बार  जब skin-prick टेस्ट  से  पता  चल  जाता  है  कि  आपको  किस  allergen से  तकलीफ  होती  है  तो  इसका  treatment करना  आसान  हो  जाता  है। अगर  Pollen allergy treatment की  बात  करें  तो, इसके  कई  एलोपैथिक  और  home remedies होती  हैं। आइये  पहले  जानें  कुछ  आसान  उपाय।

Pollen से  बचें  (Avoid exposure to pollen)
जिस  प्रकार  बाकी allergies में  allergen को  avoid कर  उसकी  allergy से  निजात  पायी जा सकती  है, उसी  प्रकार  pollen allergy का  best treatment है  इसका  exposure minimize करना।  

  • खुश्क  (Dry) या  windy दिनों  में  घर  के  अंदर  ही  रहें। 
  • Gardening या  बगीचे  से  जुड़े  कोई  काम  न  करें।  
  • जब  pollen  count हवा  में  ज़्यादा  हो  तो  mask अवश्य  पहनें।

नेति क्रिया करें  (Nasal irrigation)
Exposure से  बचने  के  अलावा  आप  Nasal irrigation या  नाक  की  सफाई  कर  राहत  पा  सकते  हैं।  यह  एक  ऐसा  procedure है  जिसमें  नमक  के  पानी  या  saline को  नेति  pot या  किसी  बोतल  की  मदद  से  sinuses rinse करने  के   काम  में  लाते  हैं। इस  technique में  ध्यान  रखना  चाहिए  कि नाक  रिंस  करने  के  लिए  केवल  boiled, distilled या  filtered पानी  ही  इस्तेमाल  में  लाया  जाये। अगर  आप नल का पानी इस्तेमाल करते  हैं  तो  इसे  उबाल  लें  और  फ़िल्टर  कर  दें। नेति  pot का  इस्तेमाल  करने  से  पहले , इसे  अच्छे  से  धो  लें। Nasal irrigation आपकी  बंद  नाक  खोलने  और  sinuses में आई  रुकावट  दूर  करने  में  बेहद  लाभदायक  पाया  गया  है।

Woman performing nasal irrigation with a neti pot as a treatment for pollen allergy


Medications
अगर ऊपर  दिए  हुए  ट्रीटमेंट  के  बावजूद  hay fever या  pollen allergy के  symptoms ठीक  न  हों  तो  आप  दवाओं  को  try कर  अपने  symptoms से  निजात पा सकते  हैं। कई  लोग  जो  नेति  क्रिया  या  nasal irrigation नहीं  करना  चाहते,  वे  अपने congestion या  swelling को Nasal  sprays से  खोल  सकते  हैं। Nasal sprays आसानी  से  pharmacies में  मिल  जाते  हैं। Pollen से  बचने  के  लिए  आप  nasal spray समेत  सभी  OTC medicines या  प्रिस्क्रिप्शन दवाएं  किसी online pharmacy से  आसानी  से  मंगा  सकते  हैं। Pollen allergy के  treatment के  लिए  नीचे  दी  गयी  दवाएं  effective साबित  होती  हैं। 

  • OTC medicines:
    किसी  भी  तरह  की  seasonal allergy या  food allergy में  Antihistamines आम  तौर  पर  दी  जाती  है। यह  दवाएं  histamines block करती  हैं  जिससे  allergy के  symptoms रोकने  में  मदद  होती  है। Antihistamines कई  प्रकार  से लिए जाते हैं  जैसे  capsule, nasal spray, eye drop आदि।  आपकी  convenience और  डॉक्टर  की सलाह  के  बाद  आप  इसका  सेवन  कर  सकते  हैं। तुरंत  राहत  के  लिए  आप  1 Tab app या  website पर  जाकर  anti-allergy दवायें  कुछ  ही  क्लिक  में  आर्डर  कर  घर बैठे पा सकते है। क्योंकि  केवल  antihistamines allergies treat  नहीं  कर  सकते, आप  doctor consultation कर  उसके  साथ  कोई  decongestant भी combine कर  ले  सकते  हैं। आम तौर पर डॉक्टर  seasonal  एलर्जी  शुरू होने के कुछ हफ़्तों पहले से ही इन दवाओं को खाने की सलाह देते हैं।  

Prescription Medicines:
अगर  over-the-counter medicines आपकी तकलीफ ठीक  नहीं  करती  हैं  तो  आप  किसी  specialist के  पास  जाकर  दवाएं  prescribe करा  सकते  हैं। आप  1Tab पर  अपना  prescription upload कर  medicines मंगवा  सकते  हैं। 

Allergy shots
यदि  दवाओं  का आपके symptoms  पर  कोई  असर  नहीं  होता  तो  आप  allergy shots के  बारे  में  अपने   doctor से  सलाह  ले  सकते  हैं। Allergy shots में  आपका  allergist या  doctor आपको  immunotherapy देगा। इस  तरह  कुछ  हफ़्तों  में  थोड़ी  थोड़ी  मात्रा  में आपकी  body को  allergen का  shot दिया  जाएगा। कुछ ही महीनें में आपकी  body इस  trigger की  आदि होजाएगी और  आपके  symptoms ख़तम  होते  नज़र  आएंगे।

घरेलू  नुस्खे (Home remedies)

 नीचे  दिए  घरेलु  उपचार  काम  में  लाएं :

  • जब  pollen count high हो  तो  अपने  खिड़की  दरवाज़े  बंद  रखें।
  • बहार  से  घर  आकर  अपने  कपडे  ज़रूर  बदलें। 
  • सोने  से  पहले  नहाएं  जिससे  skin या  बालों  में  pollen जमा  न  रह  सके। 
  • अपने  सोने  की  चादर  गरम  पानी और  साबुन  से  हफ्ते में  एक  बार  ज़रूर  धोएं। 
  • हर्बल  चाय  और  गरम  पानी  पीते  रहे  जिससे  सांस  लेना  आसान  हो।

Covid की  वजह  से  hay fever के  symptoms वाले  लोगों  में  कुछ  आराम  बताया  जा  रहा  है। यह   घर  पर  रहने  और  mask पहने रहने से  है। इसलिए ज़रूरी है कि  Pollen की  allergy से  affect होने  वाले  लोग  कम  से  कम  बहार  जाएं। अगर  जाना ही  हो  तो  mask ज़रूर  पहनें। 

By: Anubha Hatwal | on 2021-04-12

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